Journalists’ Forum of Northeast India shaped

- Nava Thakuria from Guwahati -
Guwahati: With an aim to cater various needs of the working journalists of Northeast India, a forum was shaped Tuesday (June 30)
in Guwahati. The member-based organization titled ‘Journalists’ Forum
of Northeast India’ has been designed to work for the enrichment of
its members from print, electronic & web media, and also for the overall growth of journalism in the trouble torn region. more »

जूते की महिमा

अपरम्‍पार है महिमा जूते की..!
पहनो तो आधुनिकता, उतारो तो श्रद्धा और फेंक कर मारो तो पत्रकारिता !..
- मृदुला गर्ग (इंडिया टुडे)

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एक्सलूसिव और ब्रेकिंग के बीच तड़पती खबरें

- संजय द्विवेदी -
खबरिया चैनलों की होड़ और गलाकाट स्पर्धा ने खबरों के मायने बदल दिए हैं। खबरें अब सिर्फ सूचनाएं नहीं देती, वे एक्सक्लूसिव में बदल रही हैं। हर खबर अब ब्रेकिंग न्यूज में बदल जाना सिर्फ खबर की कलरिंग भर का मामला नहीं है। दरअसल, यह उसके चरित्र और प्रस्तुति का भी बदलाव है । खबरें अब निर्दोष नहीं रहीं। वे अब सायास हैं, कुछ सतरंगी भी। more »

नई पत्रकारिता व्यवसाय अपना पहला काम और मुनाफे को अपना पहला प्रयोजन मानती है

-प्रभाष जोशी-
अब काले धन का धंधा इतना सर्वव्यापी है तो मैं हिन्दी के एक अखबार के पीछे क्यों पड़ा हूं? इसलिए कि एक तो वह अखबार है और दूसरे, अखबार होते हुए भी चुनाव के समय लोकतंत्र और वोटर के प्रति अपनी जिम्मेदारी को सरासर ठेंगा दिखा कर काले धन के धंधे में पड़ा है और तीसरे, जनता के सूचना के अधिकार के गंगाजल में अपने हाथ धोने की कोशिश में लगा है। more »

मीडिया की हिंदी और हिंदी का मीडिया

- संजय द्विवेदी -
पूरा विज्ञापन बाजार हिंदी क्षेत्र को ही दृष्टि में रखकर विज्ञापन अभियानों को प्रारंभ करता है किंतु उसकी पूरी कार्यवाही देवनागरी के बजाए रोमन में होती है। जबकि अंत में फायनल प्रोडक्ट देवनागरी में ही तैयार होना है। गुलामी के ये भूत हमारे मीडिया को लंबे समय से सता रहे हैं। more »

कालिख पोत ली हमने अपने मुंह पर

- संजय द्विवेदी -
राजनीति के साथ पत्रकारिता का आलोचनात्मक विमर्श का रिश्ता रहा है, वह रिश्ता आज बाजार में है, कसौटी पर भी है। राजनीतिज्ञों के भ्रष्टाचार में हम हिस्सा मांग रहे हैं, साथ ही सही और अच्छी सरकार चुनने की अपीलें भी कर रहे हैं। हमारा कौन सा चेहरा सही है जो मतदान के द्वारा अच्छी सरकारें चुनने की अपील कर रहा है या जो राजनीति की देहरी पर झोली फैलाए खड़ा है। more »

 

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