इंटरनेट से चुनौती पर राह तलाशेंगे अखबार संपादक

खेल और अन्य आयोजनों के मीडिया कवरेज पर रोक के अलावा इंटरनेट से उत्पन्न चुनौतियों और पत्रकारिता के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषय पर प्रमुख मीडिया हस्तियां हैदराबाद में आयोजित होने वाले विश्व समाचारपत्र कांग्रेस (डब्ल्यूएनसी) और विश्व संपादक फोरम (डब्ल्यूईएफ) सम्मेलन के दौरान चर्चा करेंगी। हैदराबाद के अंतरराष्ट्रीय सभागार केंद्र में एक दिसंबर से आयोजित होने वाले चार दिवसीय सम्मेलन का उदघाटन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल करेंगी।

इस सम्मेलन में विश्व समाचारपत्र और समाचार प्रकाशक संघ के अध्यक्ष गेविन ओरिली और भारतीय समाचारपत्र सोसाइटी के अध्यक्ष टी वेंकटरमण रेड्डी और अन्य लोग शामिल होंगे। पाकिस्तान स्थित फ्राइडे टाइम्स और डेली टाइम्स के एडिटर इन चीफ नजम सेठी भी इस सम्मेलन में शिरकत करेंगे। सेठी को विश्व समाचारपत्र और समाचार प्रकाशक संघ (वैन-आईएफआरए) के वार्षिक गोल्डन पेन आफ फ्रीडम पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

इस साल विश्व समाचारपत्र कांग्रेस (डब्ल्यूएनसी) सम्मेलन का शीर्षक 'न्यूजपेपर : ए मल्टी मीडिया, ग्रोथ बिजनेस' है जबकि विश्व संपादक फोरम (डब्ल्यूईएफ) का जोर 'फाइंडिंग न्यू बिजनेस माडल फार न्यूजपेपर' होगा। विश्व समाचारपत्र कांग्रेस, विश्व संपादक फोरम और इंफो सर्विस एक्सपो विश्व प्रेस की वैश्विक बैठकें हैं, जिसका आयोजन वैन-आईएफआरए की ओर से किया जाता है। इस सम्मेलन में 87 देशों के 900 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा लेंगे और इसके तहत समाचारपत्रों के प्रकाशक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मुख्य संपादक और अन्य कार्यकारी इसके लिए पंजीकरण करा चुके है।

आयोजकों के अनुसार डब्ल्यूएनसी और डब्ल्यूईएफ समारोह चारों दिन एक ही समय एक-दूसरे से अलग-अलग आयोजित होंगे। इस सम्मेलन के पहले दो दिनों के दौरान डब्ल्यूईएफ के अध्यक्ष जेवियर विडाल फोल्च, इंफोसिस के संरक्षक एन आर नारायणमूर्ति, वान-आईएफआरए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिमोथी बाल्डिंग, माइक्रोसाफ्ट इंडिया के अध्यक्ष रवि वेंकटेशन, इंडिया टुडे ग्रुप के एडिटर इन चीफ अरुण पुरी, सामाजिक कार्यकर्ता और लेखिका अरूंधती राय आदि संबोधित करेंगी। डब्ल्यूएनसी के सम्मेलन के दौरान कई गोलमेज सत्रों का आयोजन किया जाएगा और इसमें प्रेस की स्वतंत्रता, समाचारपत्रों के भविष्य, प्रींट मीडिया की ताकत आदि के बारे में चर्चा की जाएगी। इसके अतिरिक्त खेल और अन्य आयोजनों के मीडिया कवरेज पर रोक के बारे में भी चर्चा होगी।

साभार : जनसत्ता

FLASH BACK

.. हुंह.. कितनी बडी-बडी बातें सुन रखी थीं: चौथा स्‍तंभ.. ओपि...
जी हां, लिब्रहान आयोग की सिफारिश पर अमल किया गया तो पत्रकारो...
Wrapping sandwiches or fish and chips in that morning’s news...