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अराजक राजनीति से जूझने का समय

मुंबई में एक टीवी चैनल के कार्यालय पर शिवसेना का हमला एक ऐसी घटना है जिसकी निंदा से आगे बढ़कर इस सिलसिले को रोकने के लिए पहल करने की जरूरत है। शिवसेना ने कुछ नया नहीं किया। वही किया जो वे अरसे से करते आ रहे हैं। टीवी चैनलों ने सारा कुछ इतना तुरंत और जीवंत बना दिया है कि ये चीजें अब दर्ज होने लगी हैं।

उसका चेहरा जान गया है, अब तो यारो गली-मोहल्ला..

साधो, संपादक है दल्ला. (यानी दलाल नंबर वन…)
उसका तो अब काम दलाली, करता नैतिकता का हल्ला.
उसका चेहरा जान गया है, अब तो यारो गली-मोहल्ला.
बात नहीं है पहले जैसी, झाडा इसने मिशन से पल्ला.

VOI अब कभी भी आन एयर

'वायस आफ इंडिया' चैनल को री-लांच कराने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। टेस्ट रन शुरू हो चुका है। नया लोगो जारी किया जा चुका है। प्रोग्राम बनने लगे हैं। आफिस में रौनक आ चुकी है। करीब 100 लोगों से ज्यादा की टीम नोएडा स्थित वीओआई आफिस में काम करने लगी है। तीन शिफ्टों में काम होने लगा है।

FLASH BACK

.. हुंह.. कितनी बडी-बडी बातें सुन रखी थीं: चौथा स्‍तंभ.. ओपि...
जी हां, लिब्रहान आयोग की सिफारिश पर अमल किया गया तो पत्रकारो...
Wrapping sandwiches or fish and chips in that morning’s news...