Television is the first truly democratic culture - the first culture available to everyone and entirely governed by what the people want. The most terrifying thing is what people do want. - Clive Barnes (New York Times)
With all the mass media concentrated in a few hands, the ancient faith in the competition of ideas in the free market seems like a hollow echo of a much simpler day. - Kingman Brewster, Jr.


यूं तो मीडिया और अखबारों की भूमिका और चरित्र अब खुल रहा है। लेकिन वरिष्ठ भाजपा नेता लालजी टंडन जैसे लोग देश के नंबर 1 अखबार पर सीधी ऊंगली उठायें तो बहुत कुछ कहने की जरूरत नहीं। हालांकि, सिक्के का दूसरा पहलू भी है। नेताओं में कितने बचे हैं हैं जिनकी कथनी पर जनता आंख मूंदकर भरोसा करे। बहरहाल, कुल मिला कर देखें तो यह घटनाएं हमारे समाज की बदरूपता को ही इंगित कर रहे हैं। लेकिन, क्या हम आइना देखना छोड दें? नहीं ना ! तो सुनिये यूपी के वरिष्ठ भाजपाई टंडन जी प्रसिद्ध पत्रकार राम बहादुर राय के संपादकत्व में प्रकाशित हो रहे 'प्रथम प्रवक्ता' पत्रिका को दिये अपने साक्षात्कार में क्या कुछ कहा एक राष्ट्रीय अखबार के बारे में:

